दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। सोशल मीडिया पर कथित डार्क वेब चैट और ऑडियो को लेकर ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि CJP के एक बड़े नेता को निशाना बनाने की योजना बनाई जा सकती है और बाद में इसका आरोप किसी दूसरे पक्ष पर मढ़ने की कोशिश हो सकती है। हालांकि, इन कथित चैट और ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन दावों को फिलहाल सत्यापित तथ्य के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा।

दिल्ली में 10 अक्टूबर को CJP और अन्य संगठनों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने 37 ब्लॉकिंग पॉइंट और 15 जिला-स्तरीय हिरासत केंद्रों की व्यवस्था की है। प्रदर्शन की अनुमति भी नहीं दी गई है।
इस बीच कथित लीक चैट और ऑडियो को लेकर लगाए जा रहे आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। हालांकि, अब तक सामने आई विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स में किसी नेता को निशाना बनाने की कथित योजना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए यह स्पष्ट होना बाकी है कि वायरल सामग्री वास्तविक है, संपादित है या किसी अन्य उद्देश्य से प्रसारित की जा रही है।
फिलहाल 10 अक्टूबर के प्रदर्शन और उससे जुड़ी सुरक्षा तैयारियों पर सबकी नजरें टिकी हैं। कथित चैट और ऑडियो की सत्यता तथा उनमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच या विश्वसनीय साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

