हल्द्वानी: 30 अक्टूबर से जोहार महोत्सव, लोक कलाओं की दिखेगी अनूठी छटा

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हल्द्वानी: उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं से रूबरू होने का अवसर एक बार फिर हल्द्वानीवासियों को मिलने जा रहा है। एमबी इंटर कॉलेज परिसर में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक तीन दिवसीय 17वें जोहार महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव में पिथौरागढ़ जिले के सीमांत क्षेत्र के समाज की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक खानपान, वेशभूषा, लोक कलाओं और जीवनशैली की झलक देखने को मिलेगी।

जोहार महोत्सव में हर साल की तरह इस बार भी देश-विदेश में बसे जोहार घाटी से जुड़े लोगों के जुटने की उम्मीद है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर करेंगे। वहीं, पहाड़ी उत्पादों के स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

महोत्सव का उद्देश्य सीमांत क्षेत्र की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक विरासत को संरक्षित करने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना शौका समाज की समृद्ध परंपराएं, रहन-सहन, खानपान और लोक कलाएं इस आयोजन को विशेष पहचान देती हैं।

पहाड़ी उत्पादों के स्टॉल के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को भी मंच मिलेगा। इससे लोगों को पहाड़ की पारंपरिक वस्तुओं और स्थानीय खानपान को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।

जोहार महोत्सव अब केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीमांत क्षेत्र की पहचान, परंपराओं और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने का भी माध्यम बन चुका है। हल्द्वानी में आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय महोत्सव कुमाऊं की सांस्कृतिक विविधता को सामने लाने के साथ उत्तराखंड की लोक विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।