हल्द्वानी: रैगिंग से प्रताड़ित छात्रा पल्लवी की मौत पर उबाल, संघर्ष सेवा सहयोग समिति ने सौंपा ज्ञापन

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हल्द्वानी: हिमाचल प्रदेश में रैगिंग से प्रताड़ित छात्रा पल्लवी की दर्दनाक मृत्यु को लेकर आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में संघर्ष सेवा सहयोग समिति ने नगर मजिस्ट्रेट, हल्द्वानी के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर दोषियों को कठोर सजा दिलाने और शैक्षणिक संस्थानों में छात्र सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। समिति ने ज्ञापन में कहा है कि पल्लवी को शिक्षण संस्थान में लगातार रैगिंग के नाम पर मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी, जिसके चलते वह गंभीर अवसाद (डिप्रेशन) में चली गई और अंततः उसने जीवन की लड़ाई हार दी। यह घटना न केवल एक होनहार छात्रा की मृत्यु है, बल्कि हमारे शिक्षा तंत्र में व्याप्त उस अमानवीय व्यवस्था की भयावह तस्वीर भी है, जहां रैगिंग को आज भी गंभीरता से नहीं लिया जाता।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि संबंधित शिक्षण संस्थान का प्रशासन पल्लवी की शिकायतों के बावजूद समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया। इससे यह स्पष्ट होता है कि कई संस्थानों में एंटी-रैगिंग सेल केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गए हैं। संघर्ष सेवा सहयोग समिति ने राष्ट्रपति से मांग की है कि पल्लवी को आत्महत्या के लिए उकसाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले दोषियों पर हत्या के समकक्ष कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही, लापरवाही बरतने वाले शिक्षण संस्थान के प्रबंधन पर आपराधिक कार्रवाई कर उसकी मान्यता रद्द की जाए।


समिति ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने, प्रकरण की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई सुनिश्चित करने तथा देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के लिए अनिवार्य और स्वतंत्र मानसिक स्वास्थ्य सहायता व्यवस्था लागू करने की भी मांग की है। संघर्ष सेवा सहयोग समिति की अध्यक्षा योगिता बनौला ने कहा कि यदि इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में भी छात्र-छात्राएं रैगिंग जैसी कुप्रथा का शिकार होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि पल्लवी को न्याय दिलाना केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। इस ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से आग्रह किया गया है कि वे अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए ऐसे कड़े दिशा-निर्देश जारी करें, जिससे भविष्य में किसी भी छात्र या छात्रा को रैगिंग के कारण अवसाद और मौत के मुंह में न जाना पड़े।

ज्ञापन देते समय मौके पर अध्यक्ष योगिता बनोला, हिना बिष्ट, मनीष पंत, सोनिया जोशी, योगेंद्र साहू, अमन कुमार, बसंती मेहरा, इंदर बनोला, किरण टम्टा,आदि लोग मौजूद रहे।