लोक चित्रकला के प्रचार-प्रसार में जुटी भीमताल की पूजा पडियार पहुंची देश की राजधानी, कुमाऊं की संस्कृति से लोगों को कराया रूबरू…

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भीमताल निवासी पूजा पडियार अपनी लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। कुमाऊंनी लोक चित्रकला की प्रमुख विधा ऐपण के जरिए वह देश के अन्य राज्यों में भी लोक संस्कृति का प्रचार-प्रसार करने में जुटी हैं।

पूजा हाल ही में देश की राजधानी दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु विश्विद्यालय में 24 से लेकर 26 नवंबर तक आयोजित हुई तीन दिवसीय स्त्री नेशनल क्रान्फेंस एंड एक्सपो में भाग लिया, जहां उन्होंने ऐपण से सजे विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन किया और लोक संस्कृति से लोगों को रूबरू कराया।

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नैनीताल जिले के दूरस्थ विकासखंड ओखलकांडा ब्लॉक के भीड़ापानी गांव निवासी और वर्तमान में भीमताल निवासी पूजा पडियार द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी को दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों से एक्सपो में आए अतिथियों और लोगों ने सराहा।

पूजा ने बताया कि उन्होंने प्रदर्शनी में ऐपण से सजी केतली, धुली अर्ग की चौकी, पोस्टर समेत लक्ष्मी चौकी और अन्य उत्पादों का प्रदर्शन किया था जिसे लोगों द्वारा काफी सराहना मिली। मालूम हो कि पूजा वर्तमान में डीएसबी कैंपस नैनीताल की बैचलर ऑफ फाईन आर्ट्स की छात्रा हैं।
यही नहीं पूजा वर्तमान में भी नैनीताल और भीमताल के कई स्कूलों में जाकर वहां के छात्र-छात्राओं को लोक कला ऐपण से रूबरू करा रही ताकि आने वाली पीढ़ी को इस लोक चित्रकला के बारे में जान सके और बालपन में ही ऐपण के प्रति उनकी रुचि बढ़े।

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