केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन,पैरेंट्स के ‘हां’ बोलने पर ही छात्र जा सकेंगे स्कूल

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई को लेकर गाइडलाइंस की घोषणा कर दी है. केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने रविवार को अपने ट्विटर हैंडल पर गाइडलाइंस की एक तस्वीर शेयर की. स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्किल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूड, उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोजीसर जारी कर दिया है। टेक्निकल प्रोग्राम्स में कोर्स कराने वाले इन संस्थानों को 21 सितंबर से लैब खोलने की भी इजाजत मिल गई है.
गाइडलाइंस के मुताबिक, कक्षा में छात्रों के बैठने की व्यवस्था इस तरह से होनी चाहिए कि कुर्सी, मेज की दूरी 6 फीट होनी चाहिए.


कक्षा में अन्य जरूरी गतिविधियों के दौरान शारीरिक दूरी का ध्यान रखना होगा. टीचिंग फैकल्टी को इस बात का ध्यान रखना होगा कि पढ़ाई-लिखाई के दौरान छात्र और अध्यापक मास्क पहने हुए हों. छात्रों को आपस में लैपटॉप, नोटबुक, स्टेशनरी शेयर करने की इजाजत नहीं होगी।
गाइडलाइन में कहा गया है कि अधिकतम 50 फीसद शिक्षक और गैर शिक्षक स्टाफ ऑनलाइन टीचिंग/टेलीकाउंसलिंग और इससे जुड़े दूसरे कामों के लिए आ सकते हैं. 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राएं चाहें तो अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन, सलाह-मशविरा लेने के लिए स्कूल जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें अपने माता-पिता या अभिभावकों से लिखित में मंजूरी लेनी होगी.


इसके अलावा निजी स्कूलों को छूट मिली है, जिसके तहत वे 50 फीसद शिक्षकों के साथ अन्य स्टाफ स्कूल बुला सकेंगे. स्कूल खोलने पर भी स्वीमिंग पूल बंद रहेंगे. स्कूल में बने कमरों में एसी का तापमान को 24-30 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रहना चाहिए. छात्र-छात्राओं के लिए बैठने के कमरों में हवा की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।

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