जल प्रलय,गौला पुल का बड़ा हिस्सा टूटा,1994 के बाद गौला बैराज का जलस्तर 90000 क्लूसेक के पार,

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पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले पूरी तरीके से उफान पर हैं। काठगोदाम स्थित गौला बैराज का जलस्तर 1993 के बाद आज 90000 क्यूसेक पहुंच गया है, जो कि खतरे के निशान से बहुत अधिक है। ऐसे में प्रशासन, पुलिस ने गौला नदी और उसके आसपास किनारे की तरह रहने वाले लोगों को अब पूरी तरीके से अलर्ट कर दिया है। काठगोदाम स्थित गौला बैराज का जलस्तर 1993 के बाद आज 90000 क्यूसेक पहुंच गया है, जो कि खतरे के निशान से बहुत अधिक है। ऐसे में प्रशासन, पुलिस ने गौला नदी और उसके आसपास किनारे की तरह रहने वाले लोगों को अब पूरी तरीके से अलर्ट कर दिया है। वह किसी भी कीमत पर नदी की तरफ ना जाएं, 1993 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब गौला बैराज का जलस्तर 90000 क्यूसेक के पार पहुंचा है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस के हाथ पांव फूल चुके हैं। मंगलवार तड़के पुल के समीप जवान ड्यूटी पर तैनात थे। जहां अचानक कुछ आवाजें आने लगी। देखा तो गौला पूल का एक हिस्सा भरभरा कर नदी में समा गया। पुलिस ने अब सुरक्षा को देखते हुए दोनों तरफ से आवाजाही पर रोक लगा दी है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड को पूरी तरह से रेड अलर्ट घोषित किया हुआ है, जिसके बाद से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है और हर जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। उत्तराखण्ड को जल प्रलय से दो-चार होना पड़ रहा है।

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