मुख्यमंत्री रावत ने किया गढ़वाली ,कुमाऊनी और जौनसारी भाषा में बने मोबाइल ऐप “आखर”का विमोचन, क्षेत्रीय भाषा को मिलेगी नई पहचान ।

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देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में कर्नल (रिटा.) डॉ. डी.पी डिमरी एवं उनके सहयोगियों द्वारा उत्तराखण्ड की तीन क्षेत्रीय भाषाओं गढ़वाली, कुमांऊनी और जौनसारी पर बनाये गये मोबाईल ऐप ‘आखर’ शब्दकोष का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि क्षेत्रीय भाषा एवं बोलियों के प्रति लोगों का रूझान बढ़े, इस दिशा में यह एक सराहनीय प्रयास है। हमें अपनी भाषा, बोलियों एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए निरन्तर प्रयास करने होंगे। किसी भी क्षेत्र की बोली, भाषा एवं संस्कृति ही उस क्षेत्र की विशिष्टता बताती है।
डॉ. डी.पी डिमरी ने कहा कि यह प्रयास क्षेत्रीय भाषाओं को सीखने के इच्छुक युवाओं व इन भाषाओं में रूचि रखने वाले लोगों के लिए बनाया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की क्षेत्रीय भाषाओं पर कई विस्तृत शब्दकोष उपलब्ध हैं। लेकिन आवश्यकता पड़ने पर उनका शीघ्र उपलब्ध हो पाना कठिन होता है। इसलिए लघु रूप में डिजिटल शब्दकोष उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। डॉ. डिमरी ने बताया कि इस शब्दकोष को बनाने में उनकी टीम के सदस्यों अरूण लखेड़ा, पूरन कांडपाल, सुश्री नूतन पोखरियाल, सुश्री उर्मिला सिंह एवं सुश्री रेखा डिमरी का सहयोग रहा है।

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