बुलाती है मगर जाने का नही…. मशहूर शायर राहत इंदौरी का निधन, कोरोना रिपोर्ट थी पॉजिटिव ।।

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इंदौर। कोरोना से संक्रमित, मशहूर शायर राहत इंदौरी का आज दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। 70 साल की उम्र में उन्होंने इंदौर के अरविंदो अस्पताल में अंतिम सांस ली। कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव पाए जाने के बाद उन्हें 10 अगस्त को इंदौर के ऑरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट की वजह से उनका निधन हुआ.जानकारी के अनुसार उन्हें लगातार तीन हार्ट अटैक आए थे.

वही बीते दिन ही राहत ‌इंदौरी ने खुद ट्वीट कर अपने स्वास्थ्य की जानकारी दी थी जिसमे उन्होंने खुद के कोरोना संक्रमित होने पर अस्पताल में भर्ती किए जाने की जानकारी साझा की थी।

राहत इंदौरी का जीवन की एक झल

1 जनवरी 1950 को जन्मे राहत साहब के बचपन का नाम कामिल था। बाद में इनका नाम बदलकर राहत उल्लाह कर दिया गया।
राहत साहब का बचपन बेहद मुफलिसी में गुजरा। इनके वालिद साहब ने ऑटो चलाकर और मिल में काम कर परिवार का भरण पोषण किया। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान भारत पर पड़े असर से मिलें बंद हो गईं या वहां छंटनी करनी पड़ी जिससे राहत साहब के वालिद की नौकरी भी चली गई। हालात इतने खराब हो गए कि राहत साहब के परिवार को बेघर होना पड़ गया था।

जीवन के कई वर्षों के संघर्ष के बाद राहत साहब ने अपना मुकाम हासिल किया,राहत ने बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी से उर्दू में एमए किया था। भोज यूनिवर्सिटी ने उन्हें उर्दू साहित्य में पीएचडी से नवाजा था।


कई फिल्मों में दिए अपने गीत

राहत ने मुन्ना भाई एमबीबीएस, मीनाक्षी, खुद्दार, नाराज, मर्डर, मिशन कश्मीर, करीब, बेगम जान, घातक, इश्क, जानम, सर, आशियां और मैं तेरा आशिक जैसी फिल्मों में गीत लिखे,

{हिल्स मिरर टीम की ओर से राहत साहब को विनम्र श्रधांजलि }

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