राजकीय इंटर कॉलेज कसियालेख में एससी विद्यार्थियों को नहीं दिया जा रहा प्रवेश, ग्रामीणों ने विद्यालय प्रबंधन पर लगाया आरोप

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धारी। राजकीय इंटर कॉलेज कसियालेख में एससी वर्ग के छात्रों को प्रवेश नहीं देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में ग्रामीण मनोज कुमार, संतोष कुमार, संजय कुमार, हेमचंद्र ने खंड शिक्षा अधिकारी व एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।

 हरिनगर के ग्रामीणों ने एसडीएम, बीईओ को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि नैनीताल जिले के धारी ब्लॉक में एससी बाहूल्य हरिनगर अक्सोड़ा गांव है। जहां के बच्चे कक्षा 8 के बाद आगे की पढाई के लिए नजदीकी राईका कसियालेख में आवेदन कर रहे हैं।  जो कि उनके गांव से 2 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है, स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एससी बाहूल्य गांव के बच्चों को सीट खाली नहीं होने की बात कहकर विद्यालय में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। प्रवेश पाने के लिए जुगत लगानी पड़ती है और जिस की जुगत नहीं लगती है उसे प्रवेश नहीं दिया जाता।

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आरोप है कि बीते साल भी गांव के बच्चों को विद्यालय में प्रवेश नहीं मिल पाया। जिस कारण कुछ बच्चों का स्कूल ही छूट गया। उनका कहना है कि यहां से उनके बच्चों को करीब छह किलोमीटर दूर राईका आगर स्थित पोखराड़ इंटर कॉलेज में प्रवेश लेने को कह दिया जाता है। जबकि वहां तक जाने के लिए बच्चों को जंगल के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। जिसमें काफी परेशानी होती है। आरोप लगाया कि हर साल उनके बच्चों के साथ ऐसा ही किया जाता है और संबंधित अधिकारी भी कोई कार्यवाही नहीं करते। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार ने कहा कि इस बार अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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  उधर पुष्कर दुम्का, प्रधानाचार्य राईका कसियालेख ने कहा कि यह आरोप गलत है विद्यालय में हर बच्चे को पढ़ने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में कई एससी वर्ग के छात्र छात्राएं पढ़ रहे हैं। वर्तमान में कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए मात्र 45 बच्चों के बैठने की व्यवस्था है। पर हम अब तक 70 बच्चों को प्रवेश कक्षा नौ में करवा चुके हैं। 41 बच्चों के आवेदन अभी और मिले हैं। उच्चाधिकारियों से वार्ता कर बाकी बच्चों को भी प्रवेश दिए जाने की बात की जा रही है।

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वहीं, अंशुल बिष्ट, बीईओ धारी ने कहा कि कसियालेख के प्रधानाचार्य से आख्या मांगी गई है, तभी आगे की कार्रवाई होगी।

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