उत्तराखंड:- यहां बीटेक की छात्रा ने की खुदकुशी , इस वजह से थी परेशान

ख़बर शेयर कर सपोर्ट करें

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जनपद से दुखद खबर सामने आई है यहां काशीपुर में फीस जमा न होने से परेशान बीटेक की छात्रा ने फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली बताया जा रहा है लॉकडाउन के चलते आर्थिक हालत काफी दयनीय हो चुकी थी जिसके चलते उसकी फीस जमा ना हो सकी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की। घटनास्थल से मृतका के मोबाइल और डायरी को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।

यह भी पढ़ें -   नाबालिग बाइक सवार की तेज रफ्तार ने ले ली स्कूटी सवार की जान... शादी के लिए शॉपिंग करने जा रहा था नैनीताल।

प्रभु बिहार कालोनी निवासी 22 वर्षीय निशा पुत्री स्व सतपाल सिंह देहरादून के एक कालेज से प्रथम वर्ष बी टेक कर रही थी। इन दिनों उसकी आनलाइन क्लास चल रही थी। जिस वजह से वह घर से ही पढ़ रही थी। घर में मां और बेटी अकेली ही रह रही थी। एक बेटी का विवाह हो चुका है वह प्रभु बिहार में ही अपनी ससुराल में रहती है। मृतका के बहनोई कपिल सक्सैना ने बताया कि परिवार में कोई मतभेद नहीं था। हालांकि मृतका काफी रिजर्व स्वभाव की थी।कटोराताल पुलिस चौकी इंचार्ज नवीन बुधानी ने बताया परिजनों से पूछताछ में पता चला कि पिछले लॉकडाउन में आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से कालेज की फीस नहीं दे पाई थी। इधर कालेज वाले फीस के लिए दबाव बना रहे थे। बीती रात मां और बेटी के बीच फीस को लेकर कुछ बात हुई थी।मृतका की मां ने बताया कि रोज की तरह वह रात को वह अपने कमरे में सोने के लिये चली गई थी। आज सुबह लगभग साढ़े नौ बजे जब कमरा बाहर से खटखटाया। दरवाजा नहीं खुलने पर बाहर से जोर से दरवाजे को धक्का दिया तो अंदर लगी चिटकनी खुल गई। कमरे में निशा का शव दुपट्टे से पंखे में लटका हुआ पाया गया । यह देखकर मां सुरेंद्र कौर बदहवास हो गई और कुछ ही दूरी पर रहने वाले अपने दामाद कपिल सक्सैना को फोन किया। पड़ोस के लोग चीख पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे और शव को पंखे से नीचे उतारा। तथा पुलिस को सूचना दी।मां ने बताया कि निशा ऊपरी मंजिल में कम ही जाती थी। अधिकतर नीचे के ही हिस्से में रहती थी। मृतका की मां पति की मृत्यु के बाद यहाँ रोडवेज के पास एक ढाबा चलाकर परिवार का गुजर बसर करती थी।

यह भी पढ़ें -   उत्तराखंड पुलिस के 1611 कांस्टेबल को मिली पदोन्नति, बने हेड कांस्टेबल।
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments